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दो वर्षों से लंबित डी.जी. ऋण का मुद्दा अंततः हुआ हल, मुनगंटीवार के प्रयास
प्रतिनिधि। 12 मई
गोंदिया। राज्य में पुलिस बल के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास के सपने आखिरकार साकार हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग द्वारा 12 मई, 2026 को जारी एक सरकारी निर्णय के तहत 5459 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 1768.08 करोड़ रुपये के आवास ऋण को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय राज्य के पुलिस समुदाय के लिए बेहद राहत भरा है और पूर्व मंत्री/विधायक सुधीर मुनगंटीवार के निरंतर, प्रभावी और फलदायी प्रयासों ने इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पिछले दो वर्षों से राज्य में लगभग 5500 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के डीजी ऋण मामले लंबित थे। हजारों पुलिस परिवारों को घर निर्माण के लिए आवेदन करने के बावजूद मंजूरी न मिलने के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई लोगों ने घर खरीदने के लिए बिल्डरों के पास सांकेतिक राशि जमा कर दी थी; हालांकि, ऋण की मंजूरी में देरी के कारण उस राशि के खोने का खतरा मंडरा रहा था। राज्य की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करने वाले पुलिसकर्मियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए, विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इस मुद्दे को बड़ी संवेदनशीलता से संभाला और सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा।
7 जुलाई, 2025 को महाराष्ट्र विधानसभा में उन्होंने इस मुद्दे को दृढ़तापूर्वक उठाया और सदन के समक्ष पुलिसकर्मियों की दुर्दशा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह एक त्रासदी है कि राज्य की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करने वाले पुलिसकर्मियों को अपने घरों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और लंबित डीजी लोन मामले के तत्काल निपटारे की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश दिए। मुनगंटीवार ने मामले पर निरंतर नज़र रखी और 9 सितंबर 2025 को मंत्रालय में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ओ. पी. गुप्ता से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने मामले में देरी के कारण पुलिसकर्मियों पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी और तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने पर जोर दिया। उनके निरंतर प्रयासों के कारण प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियों में तेजी आई।
गृह विभाग द्वारा 12 मई 2026 को जारी सरकारी निर्णय के तहत 31 दिसंबर 2024 तक प्राप्त कुल 5459 मकान निर्माण अग्रिम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के माध्यम से 7.85 प्रतिशत की ब्याज दर पर ₹1768.08 करोड़ का ऋण देने की मंजूरी दी है। यह ऋण मूलधन के समान मासिक किस्त (PEMI) के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा और महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महानिदेशक और बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्त के अधीन पात्र पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
इस फैसले से राज्य में हजारों पुलिस परिवारों के लिए घर खरीदने का सपना साकार करने का रास्ता खुल गया है। कई ऐसे परिवार जिनके घर खरीदने के सौदे रुके हुए थे, उन्हें सरकार के इस फैसले से काफी राहत मिली है।
